प्रशासन द्वारा गठित दो सदस्यीय जांच समिति ने करीब सात दिनों तक मामले की विस्तृत जांच की। जांच के दौरान अस्पताल में भर्ती प्रक्रिया, ब्लड ट्रांसफ्यूजन के नियमों तथा उपचार के दौरान अपनाई गई व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की गई।
जांच रिपोर्ट में उपचार और रक्त उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में कई स्तरों पर गंभीर लापरवाही सामने आने की बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार 9 कर्मचारियों की प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष जिम्मेदारी तय की गई है। इसी आधार पर सभी संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा कि मरीजों के उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नोटिस का जवाब मिलने के बाद संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही सुनिश्चित करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।

Comments