ChatGPT के बाद बदली लोगों की सर्च आदत
चैटजीपीटी समेत कई एआई टूल्स के लोकप्रिय होने के बाद यूजर्स की ऑनलाइन सर्च करने की आदत में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। पहले जहां लोग ‘दिल्ली मौसम’, ‘सस्ता मोबाइल’ या ‘बेस्ट होटल’ जैसे छोटे कीवर्ड लिखते थे, वहीं अब वे सीधे सवाल पूछ रहे हैं।
यूजर्स अब यह जानना चाहते हैं कि ‘कम बजट में लंबी बैटरी वाला मोबाइल कौन-सा बेहतर है’, ‘गर्मी में शरीर को ठंडा रखने के घरेलू उपाय क्या हैं’ या ‘कम पैसों में घूमने के लिए कौन-सी जगह अच्छी रहेगी’। इससे सर्च अधिक व्यक्तिगत और संवाद आधारित हो गई है।
गूगल भी बदल रहा अपना सर्च मॉडल
बदलती जरूरतों को देखते हुए गूगल भी अपने पारंपरिक सर्च सिस्टम में बड़े बदलाव कर रहा है। कंपनी ऐसे एआई सिस्टम विकसित कर रही है जो अलग-अलग वेबसाइटों और स्रोतों से जानकारी लेकर सीधे जवाब तैयार कर सकें।
अब केवल टेक्स्ट आधारित रिजल्ट ही नहीं, बल्कि कस्टम ग्राफिक्स, इंटरैक्टिव विजुअल्स और छोटे एआई आधारित ऐप्स भी यूजर्स को उपलब्ध कराए जा सकते हैं। गूगल का मानना है कि आज के कई सवाल ऐसे होते हैं जिनका जवाब किसी एक वेबसाइट पर नहीं मिलता, इसलिए एआई आधारित सर्च भविष्य की जरूरत बनती जा रही है।
फोटो और आवाज से भी हो रही सर्च
एआई तकनीक ने सर्च को केवल टाइपिंग तक सीमित नहीं रखा है। अब बड़ी संख्या में लोग फोटो खींचकर भी जानकारी हासिल कर रहे हैं। किसी पौधे, कपड़े, मशीन या इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की तस्वीर अपलोड कर उसकी पहचान, उपयोग और कीमत के बारे में तुरंत जानकारी ली जा रही है।
इसके साथ ही वॉयस सर्च और एआई चैट आधारित सर्च का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ रहा है। इससे इंटरनेट इस्तेमाल करना पहले की तुलना में अधिक आसान और तेज हो गया है।
सोशल मीडिया पर बढ़े एआई इंफ्लुएंसर
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी एआई का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। अब ऐसे डिजिटल इंफ्लुएंसर सामने आ रहे हैं जो असली इंसान नहीं, बल्कि एआई से बनाए गए वर्चुअल किरदार हैं। ये इंफ्लुएंसर वीडियो, फोटो और प्रमोशनल कंटेंट तैयार कर लाखों लोगों तक पहुंच बना रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में एआई केवल सर्च तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पढ़ाई, खरीदारी, मनोरंजन और रोजमर्रा के डिजिटल कामों का अहम हिस्सा बन जाएगा।

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