रायपुर, 28 अप्रैल 2026। प्रदेश में छात्रवृत्ति पोर्टल की तकनीकी गड़बड़ी और फर्जी एंट्री के कारण 10,737 विद्यार्थियों की स्कॉलरशिप रोक दी गई है। DBT डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से पहले हुए वेरिफिकेशन में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। शिक्षा विभाग ने तत्काल आवेदन पोर्टल को लॉक कर दिया है।
क्या है पूरा मामला: केंद्र सरकार की पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए छत्तीसगढ़ में इस साल 3.21 लाख आवेदन आए थे। DBT से पैसे भेजने से पहले NIC ने डेटा क्रॉस चेक किया तो 10,737 आवेदन संदिग्ध मिले। इनमें से 6,842 में फर्जी आय प्रमाण पत्र, 2,431 में डुप्लीकेट आधार-मार्कशीट और 1,464 में स्कूल कोड की गलत एंट्री मिली है।
किसका रुका पैसा: सबसे ज्यादा 4,932 SC, 3,841 OBC और 1,964 ST वर्ग के छात्रों की छात्रवृत्ति रुकी है। बिलासपुर, रायगढ़ और सरगुजा के 47 स्कूलों को नोटिस भेजा गया है। इन स्कूलों से सबसे ज्यादा फर्जी आवेदन हुए हैं।
पैरेंट्स-छात्र परेशान: कक्षा 11वीं-12वीं और कॉलेज के हजारों छात्रों को 5000 से 12000 रुपये तक की स्कॉलरशिप मिलनी थी। पैसा न आने से फीस भरने में दिक्कत हो रही है। रायगढ़ के छात्र रमेश ने बताया, “फॉर्म सही भरा था, फिर भी पोर्टल ने रिजेक्ट कर दिया। अब स्कूल वाले भी जवाब नहीं दे रहे।”
विभाग का बयान: आदिम जाति कल्याण विभाग के संचालक ने कहा, “पोर्टल में एंट्री के दौरान गड़बड़ी हुई है। कुछ ऑपरेटरों ने पैसे लेकर फर्जी आय प्रमाण पत्र अपलोड किए। 15 दिन में दोबारा वेरिफिकेशन होगा। असली छात्रों को पैसा जरूर मिलेगा।” विभाग ने FIR के निर्देश भी दिए हैं।
अगला कदम: 1 मई से पोर्टल दोबारा खुलेगा*। *छात्र 15 मई तक दस्तावेज सुधार कर सकेंगे*। *जिन स्कूलों ने फर्जीवाड़ा किया है उनकी मान्यता रद्द हो सकती है।

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