अंबिकापुर, 21 अप्रैल 2026। अंबिकापुर-कटघोरा नेशनल हाईवे पर सफर जल्द ही और सुरक्षित होने वाला है- इंसानों के लिए भी और जानवरों के लिए भी*। *केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस 220 किमी लंबे फोरलेन NH पर एनिमल कॉरिडोर बनाने के निर्देश दिए हैं। लखनपुर बायपास भी नई DPR में जोड़ा जाएगा।
किसका था सुझाव: छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी CM टीएस सिंहदेव ने दिल्ली में गडकरी से मुलाकात कर प्रस्ताव दिया था। सिंहदेव ने बताया कि अंबिकापुर-कटघोरा NH का बड़ा हिस्सा घने जंगलों, मैनपाट और गुरु घासीदास नेशनल पार्क से गुजरता है। हाथियों का बड़ा कॉरिडोर यहीं है। साल में 8-10 हादसे होते हैं जिनमें हाथी या इंसान की जान जाती है। गडकरी ने सुझाव को गंभीरता से लेकर NHAI को नई DPR बनाने कहा है।
क्या होगा एनिमल कॉरिडोर: जंगल वाले हिस्सों में हाईवे के नीचे अंडरपास और कुछ जगह ओवरपास बनाए जाएंगे। हाथी, भालू, तेंदुआ, हिरण जैसे जानवर बिना सड़क पर आए जंगल के एक हिस्से से दूसरे हिस्से जा सकेंगे। अंडरपास में प्राकृतिक माहौल बनाने के लिए पेड़-पौधे, पानी की व्यवस्था होगी। हाईवे के दोनों तरफ ऊंची फेंसिंग लगेगी ताकि जानवर *सीधे सड़क पर न चढ़ें*।
लखनपुर को मिलेगी राहत: लखनपुर शहर के बीच से अभी NH गुजरता है। भारी ट्रैफिक से जाम और हादसे रोज की बात है। नई DPR में 12 किमी लंबा लखनपुर बायपास भी शामिल होगा। शहर के बाहर से हाईवे निकलेगा।
प्रोजेक्ट की डिटेल: अंबिकापुर-कटघोरा फोरलेन की लंबाई 220 किमी और अनुमानित लागत 4500 करोड़ है। अभी टू-लेन है और खस्ताहाल है। फोरलेन बनने से रायपुर-अंबिकापुर का सफर 2 घंटे कम हो जाएगा। छत्तीसगढ़ से झारखंड-UP की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।
कब तक बनेगा: NHAI को 3 महीने में नई DPR तैयार करने कहा गया है। एनिमल कॉरिडोर और बायपास जोड़ने से लागत 8-10% बढ़ेगी लेकिन पर्यावरण और इंसानी जान बचाना प्राथमिकता है। 2027 तक प्रोजेक्ट पूरा करने का लक्ष्य है।
एक्सपर्ट की राय: वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि ‘NH-43 और NH-130 पर पहले से 47 हाथियों की मौत हो चुकी है। एनिमल कॉरिडोर से ह्यूमन-एनिमल कन्फ्लिक्ट घटेगा। कर्नाटक के बांदीपुर, MP के पेंच में ऐसे कॉरिडोर सफल रहे हैं’।

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