‘भूपेश का तंज’: बोले- ‘महिला आरक्षण चाहिए तो कौशल्या भाभी को CM बना दीजिए’ | विशेष सत्र बुलाने पर BJP को घेरा | ‘निंदा प्रस्ताव नहीं, महिलाओं को हक दो’

रायपुर, 21 अप्रैल 2026। महिला आरक्षण बिल को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत में जुबानी जंग तेज हो गई है। राज्य सरकार के विशेष सत्र और निंदा प्रस्ताव लाने के ऐलान पर पूर्व CM भूपेश बघेल ने तीखा तंज कसा है। बोले- *‘अगर BJP को वाकई महिला आरक्षण से प्रेम है तो कौशल्या भाभी को मुख्यमंत्री बना दीजिए’*।

क्या है पूरा मामला: BJP सरकार महिला आरक्षण बिल पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। 27 अप्रैल तक प्रदेशभर में प्रदर्शन का भी ऐलान है। इस पर भूपेश बघेल ने पलटवार किया।

भूपेश के 3 बड़े तंज:
‘बिल 2023 में पास हो चुका, कानून बन गया। लागू करने की हिम्मत दिखाओ, निंदा प्रस्ताव से क्या होगा?’
‘महिला प्रेम है तो 15 साल CM रहीं उमा भारती को क्यों हटाया? अब कौशल्या भाभी को CM बना दो’
‘विशेष सत्र बुलाकर जनता का पैसा बर्बाद कर रहे हो। निंदा से नहीं, नियत से आरक्षण मिलेगा’

‘ड्रामा बंद करो, एक्शन लो’: भूपेश ने कहा कि *‘BJP महिला आरक्षण के नाम पर नौटंकी कर रही है। केंद्र में इनकी सरकार, बिल वहीं लटका है। परिसीमन-जनगणना की आड़ में 2029 तक टाल रहे हैं। राज्य में विशेष सत्र बुलाना सिर्फ ध्यान भटकाने का ड्रामा है’*।

कांग्रेस का स्टैंड: कांग्रेस का कहना है कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023’ राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद कानून बन चुका है। तुरंत लागू किया जा सकता है। परिसीमन की शर्त सिर्फ बहाना है। *‘अगर नियत साफ है तो 33% टिकट महिलाओं को दो, पंचायत से लेकर संसद तक’*।

BJP का जवाब: BJP प्रवक्ता ने कहा- *‘भूपेश बघेल हताशा में अनर्गल बयान दे रहे हैं। कांग्रेस ने 70 साल महिलाओं को ठगा। हम बिल लेकर आए। परिसीमन के बिना सीटें तय नहीं हो सकतीं। विशेष सत्र में कांग्रेस का दोहरा चरित्र उजागर करेंगे’*।

सियासी मायने: 50% महिला वोटर को साधने के लिए दोनों दल आमने-सामने हैं। ‘कौशल्या भाभी’ का जिक्र कर भूपेश ने CM विष्णुदेव साय की पत्नी का नाम लेकर BJP को सीधी चुनौती दी है।

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