आप कभी भी - कहीं भी शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं, सामान्य डिग्री व मुक्त विश्वविद्यालय की डिग्री में कोई अंतर नहीं है : कुलपति बंश गोपाल सिंह

छत्तीसगढ़ टाइम्स डॉट कॉम । रायपुर/बिलासपुर

प्रदेश की भौगोलिक धरातल पर आप कहीं भी निवासरत हो, शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं। हमारे यहां पढ़ाई के लिए समय की प्रतिबद्धता नहीं है, उम्र का कोई बंधन नहीं है। आप कभी भी, कहीं भी पढ़ सकते हैं। सामान्य विश्वविद्यालय व मुक्त विश्वविद्यालय की डिग्री बराबर है। प्लेसमेंट में इनमें भेदभाव नहीं किया जा सकता।  उक्त बातें पंडित सुंदरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय के कुलपति बंश गोपाल सिंह ने विश्वविद्यालय में नव प्रवेशित शिक्षार्थियों के लिए आयोजित इंडक्शन प्रोग्राम के दौरान कही।
 

पंडित सुंदरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र जनवरी से दिसम्बर 2024 में विश्वविद्यालय के नव प्रवेशित छात्र / छात्राओं के लिए मंगलवार को स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम का आयोजन किया गया। पूर्वान्ह 10.30 बजे से सिरपुर भवन के सभागार में आयोजित समारोह का शुभारंभ सरस्वती वंदना से हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य बताते हुए प्रो. शोभित बाजपेयी, निदेशक सीआईक्यूए ने आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की। जिसके उपरांत विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री भुवन सिंह राज ने शिक्षार्थियों को संबोधित किया। आयोजन के संदर्भ को लेकर चर्चा करते हुए श्री राज ने कहा कि ऐसे आयोजनों से आप जिन विषयों में प्रवेश ले रहे हैं, उन विषयों की शैक्षणिक व्यवस्था व विश्वविद्यालय द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाली सुविधाएं के संदर्भ में जानकारी प्राप्त होती है, जो कि एक शिक्षार्थी के लिए बहुत लाभदायक है। उन्होंने अपने उद्बोधन में विश्वविद्यालय की विकास गाथा को विस्तार से बताया। विश्वविद्यालय के उद्देश्य पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व ज्ञान का प्रचार प्रसार करना हमारा लक्ष्य है जिसे उत्कृष्टता के साथ विश्वविद्यालय पूरा कर रहा है।



मुख्य वक्ता के रूप में आयोजन को उद्बोधित करते हुए पंडित सुंदरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय के कुलपति बंश गोपाल सिंह ने कहा कि हमारा विश्वविद्यालय शिक्षार्थियों को आधुनिक व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए कटिबंध है। अन्य विश्वविद्यालयों एवं मुक्त विश्वविद्यालय के बीच अंतर बताते हुए कहा कि सामान्य विश्वविद्यालय जोकि अभी आधुनिक हो रही हैं, मुक्त विश्वविद्यालय में ऐसे प्रोग्राम विगत कई सालों से चल रहे हैं। जैसे च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम अन्य संस्थाओं के लिए नया है लेकिन हमारे विश्वविद्यालय में विगत कई सालों पहले से यह लागू किया जा चुका है। जिस टेक्नोलॉजी का उपयोग अन्य शैक्षणिक संस्थानों में सामान्य है वही मुक्त विश्वविद्यालय में व्यापक स्तर पर हो रहा है।

प्रथम सत्र के समापन के पश्चात द्वितीय सत्र में डॉ. शोभित बाजपेयी निदेशक, सीडीओई ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी। डॉ. मनीष साव परीक्षा नियंत्रक, ने विश्वविद्यालय परीक्षा व मूल्यांकन पद्धति को लेकर अपनी बात रखी। डॉ. एस. रूपेंद्र राव एसएलएम प्रभारी ने अध्ययन सामग्री के संदर्भ में शिक्षार्थियों को बताया। डॉ. बीना सिंह शिक्षा विभागाध्यक्ष, डॉ एम.एल. चंद्राकर आरएसडी समन्वयक, डॉ. प्रीतिरानी मिश्रा प्रमुख, पुस्तकालय एवं सूचना अनुसूचित जाति, डॉ. ओम प्रकाश पटेल लाइब्रेरियन, प्रो बी.के. सोनी निदेशक विज्ञान व डॉ. धनंजय मिश्रा निदेशक लाइफ साइंस ने संचालित पाठ्यक्रमों, क्षेत्रीय केंद्रों, लाइब्रेरी व लैब सुविधाओं के संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी।

प्रो शोभित बाजपेयी निदेशक सीआईक्यूए, डॉ. अनिता सिंह प्रमुख अकादमिक सेल, श्री प्रवीण टोप्पो ने एकेडमिक कैलेंडर, असाइनमेंट समेत अन्य जानकारियां दी। प्रो. बी.के. सोनी निदेशक, विज्ञान, प्रो. शोभित बाजपेयी निदेशक, स्कूल ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट, प्रो. चंदना मित्रा निदेशक, समाज विज्ञान, डॉ. संतोष बाजपेयी निदेशक, शिक्षा, डॉ. हीरालाल शर्मा निदेशक, मानविकी, डॉ. धनंजय मिश्रा निदेशक, स्कूल ऑफ लाइफ साइंस, डॉ. पुष्कर दुबे प्रबंधन प्रमुख, श्री रेशम लाल प्रधान कंप्यूटर साइंस प्रमुख ने छात्रों की काउंसलिंग, हेल्प डेस्क, फीडबैक, फीस रिफंड पॉलिसी व वेब पोर्टल के संदर्भ में विस्तार से जानकारी दी।

डॉ. एम. एल. चंद्राकर क्षेत्रीय प्रभाग के समन्वयक ने ट्रेंनिंग, प्लेसमेंट, स्कॉलरशिप, इंटर्नशिप के संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी। जिसके उपरांत प्रोफेसर शोभित बाजपेई ने छात्रों के विभिन्न जिज्ञासाओं व प्रश्नों को के उत्तर दिए। कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय के कुलसचिव भुवन सिंह राज ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस दौरान विश्वविद्यालय में कार्यरत शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक अधिकारी, कर्मचारी व 4000 से ज्यादा शिक्षार्थी ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से उपस्थित थे।

प्लास्टिक का उपयोग करने से बचें : कुलपति श्री सिंह

शिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कुलपति माननीय श्री बंश गोपाल सिंह ने प्लास्टिक का उपयोग न करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अगर किसी कारणवश प्लास्टिक का उपयोग भी करना पड़े तो उपयोग उपरांत उसे यहां वहां ना फेंके। बल्कि अनिवार्य रूप से डस्टबिन का उपयोग करें। उन्होंने अपने व आसपास के परिसर को प्लास्टिक मुक्त करने पर बल दिया।

शिक्षार्थियों से मतदान करने की अपील की : कुलपति श्री सिंह

अपने वक्तव्य के दौरान माननीय कुलपति श्री बंश गोपाल सिंह ने आयोजन में शामिल हुए प्रदेश भर के छात्रों से आगामी लोकसभा चुनाव में अपनी 100 प्रतिशत सहभागिता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रजातंत्र के इस पर्व में आप स्वयं भी मतदान करने जाएं व अन्य को भी मतदान के लिए अपील करें। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि उनका मतदान केंद्र उनके वर्तमान निवास स्थान से 150 किलोमीटर दूर है, लेकिन उसके बावजूद वे सपरिवार मतदान करने जाते हैं।

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